Sunday, 21 October 2012



 होशवालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है?
होशवालों को खबर क्या
बेखुदी क्या चीज़ है

इश्क कीजिये फिर समझिये
ज़िन्दगी क्या चीज़ है

उनसे नज़रें क्या मिलीं
रौशन फिजाएं हो गयीं
आज जाना प्यार की
जादूगरी क्या चीज़ है


बिखरी जुल्फों ने सिखाई
मौसमों को शायरी
झुकती आँखों ने बताया
मैकशी क्या चीज़ है?


हम लबों से कह ना पाए,
उनसे हाल-ए-दिल कभी
और वो समझे नहीं
ये ख़ामोशी क्या चीज़ है?
जगजीत: 
एक ऐसी पुरकशिश आवाज जिसे सुनने के बाद ऐसा लगता है जैसे कही अनंत ब्रह्माण्ड में कोई स्वर उठा है अभी और धीरे - धीरे कही खोता जा रहा है। जिसे हम महसूस तो कर सकते हैं मगर ठहरने की प्रार्थना भी कैसे करें क्योंकि तब तक तो यह खो ही जायेगी । यह आवाज तो अनंत में खो ही गई मगर कुछ विरासत है उसी से काम चलाना है।इस आवाज को हम सभी का सलाम!


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