घिसाव
भागवत शरण झा अनिमेष
आदमी का मतलब रुपैया
घिसते-घिसते अठन्नी
घटते - घटते चवन्नी
बिकते - बिकते धेला
टिकते - टिकते छदाम
और अंततः
हे राम !
भागवत शरण झा 'अनिमेष'
वरिष्ठ कर-सहायक
आयकर विभाग, पटना बिहार।
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