Showing posts with label अभिषेक चन्दन सावर्ण. Show all posts
Showing posts with label अभिषेक चन्दन सावर्ण. Show all posts

Monday, 22 October 2012










पूरा का पूरा चाँद


    अभिषेक चन्दन सावर्ण 



पूरा का पूरा चाँद

मनपोखर में देखता हूँ

ह्रदय की गति में 
सांसों को टेकता हूँ 
चाँद को देखता हूँ


शांत नदी में
किनारे बैठ झांकता हूँ
दूर कहीं गगन में  
सारे कंटकों को फेंकता हूँ
चाँद को देखता हूँ
  

 कवि गढ़ो (नवसृजन - पुनर्दर्शन )